नीमच। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बना रही है। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित इस योजना से नीमच के युवा उद्यमी पूरबसिंह की तकदीर बदली है।
पूरबसिंह ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 में योजना का लाभ लेकर नीमच कृषि उपज मंडी, चंगेरा के समीप लहसुन प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। इस इकाई में लहसुन की कली निकालकर उसकी ग्रेडिंग और आकर्षक पैकिंग की जाती है, जिसे अहमदाबाद सहित अन्य शहरों में विक्रय किया जा रहा है। वर्तमान में इस यूनिट में 7 से 8 स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला है।
योजना के तहत पूरबसिंह को भारतीय स्टेट बैंक, शाखा दशहरा मैदान, नीमच से 30 लाख रुपये का ऋण मिला, वहीं शासन की ओर से उद्यानिकी विभाग द्वारा 10 लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। आज उनकी इकाई का वार्षिक टर्नओवर लगभग 80 लाख रुपये है और वे सालाना 18 से 20 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। बैंक ऋण की नियमित अदायगी भी की जा रही है।
किसानों से मंडी के माध्यम से आसानी से लहसुन उपलब्ध होने से उत्पादन लागत कम हुई है और बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। योजना से मिली सहायता ने पूरबसिंह को सफल उद्यमी बनाया है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नीमच जिले में पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत अब तक 205 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 120 हितग्राहियों को लाभ देकर नई उद्योग इकाइयां स्थापित कराई गई हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में नीमच जिला प्रदेश एवं संभाग के अग्रणी जिलों में शामिल है।