छतरपुर। जिला के बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड के महाकुंभ के रूप में 300 बेटियों का विवाह हो रहा है। शुक्रवार को हल्दी की रस्म की गई। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने बागेश्वर धाम आकर मंडप का पूजन किया। पूजन के पश्चात बागेश्वर महाराज ने मुख्यमंत्री को हल्दी लगाकर महोत्सव की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने बागेश्वर महाराज को हल्दी लगाई। मुख्यमंत्री ने सभी बेटियों के सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थान संस्कारों को देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज सभी धार्मिक स्थलों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराज के सभी प्रकल्प हम सबको गौरवान्वित करते हैं। क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटैरिया ने सबका स्वागत किया।
हल्दी महोत्सव के अवसर पर पधारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार और वैदिक परंपरा के अनुरूप बेटियों के मंडप का पूजन किया। वहीं बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में हल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि बागेश्वर धाम की देश दुनिया में अलग प्रसिद्धि है। उन्होंने कहा कि समस्त देव स्थान चमत्कारिक हैं। 16 संस्कारो में विवाह संस्कार का व्यापक एवं अलग महत्व है। उन्होंने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा हिन्दुत्व एवं सनातन संस्कृति के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस मुहिम में सभी सनातनी लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 साल बाद अब सोमनाथ मंदिर को भी नई पहचान मिली है। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। सरकार पूरे संकल्प के साथ पीठाधीश्वर के परोपकारी कार्यों में साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाशिवरात्रि पर्व पर 3 हजार कन्याओं का विवाह हो, ऐसी आशा और उम्मीद है। इसके अलावा तीन अबूझ मुहूर्त बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तय तिथियों पर सामूहिक विवाह आयोजन पर प्रत्येक कन्याओं को 51-51 हजार रूपए के लाभ प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाहिक कार्यक्रम से अनावश्यक खर्च पर रोक के साथ अलग आनंद की अनुभूति होती है। इससे समाज को अच्छा और सकारात्मक संदेश भी मिलता है।