इंदौर। शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गेंदेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर (शिवधाम) में भव्य 8 दिवसीय शिव विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर को आकर्षक रंग-रोगन, विद्युत सज्जा, केसरिया पताकाओं, भव्य प्रवेश द्वार और मंचों से सजाया गया है। पूरे महोत्सव के दौरान शिवधाम भक्तिरस में डूबा रहेगा।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग आकर्षक शृंगार किया जा रहा है। मंदिर में बैंड-बाजों की गूंज, शहनाई वादन, भजन मंडलों द्वारा संगीतमय आराधना तथा धार्मिक अनुष्ठानों की शृंखला चल रही है। महोत्सव के दौरान सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन-अर्चन किया जाएगा। 9 फरवरी से निरंतर विशेष शृंगार और भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और विवाह रस्में
शिव विवाह महोत्सव में गणेश पूजन, हजारों दीपकों से दीप सज्जा, माता पूजन, मंडप स्थापना, तिलक रस्म, हल्दी, मेहंदी, भस्म आरती तथा फरियाली भंडारे जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। 12 फरवरी (गुरुवार) को सुबह 10 बजे पार्थिव गणेश स्थापना की गई। महिला संगठनों द्वारा नृत्य-नाटिका और भजनों की प्रस्तुति दी गई और भगवान गेन्देश्वर महादेव को गणेश स्वरूप में शृंगारित किया गया। 13 फरवरी को पार्थिव काली पूजन, नवचंडी पाठ एवं माताजी के भजन हुए।
14 फरवरी (शनिवार) को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को हल्दी, तेल अर्पित कर पारंपरिक विवाह रस्में निभाई जाएंगी। महिलाएं हल्दी और गुलाल से होली खेलेंगी। शाम को मेहंदी और भजन संध्या का आयोजन होगा व भगवान को मंडप में विराजमान किया जाएगा। मान्यता है कि शिवधाम में चढ़ी हल्दी विवाह योग्य युवाओं को लगाने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
शिवरात्रि पर विशेष आयोजन
15 फरवरी (रविवार) शिवरात्रि पर तड़के 4 बजे भस्म आरती होगी। इसके बाद स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। शाम को शंकर-पार्वती दूल्हा-दुल्हन स्वरूप में विराजित रहेंगे और रात्रि 8 बजे तांडव आरती होगी। शिवरात्रि पर दिनभर फरियाली भंडारा एवं रात्रि भर विभिन्न रसों से अभिषेक किया जाएगा।
महोत्सव का समापन
16 फरवरी (सोमवार) को भगवान भोलेनाथ का दूल्हे के रूप में विशेष शृंगार कर महाआरती की जाएगी और शिव विवाह महोत्सव का समापन होगा।