नीमच। जिले की नगर परिषद सिंगोली की लापरवाही के कारण नगरवासी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले लगभग पंद्रह दिनों से कई वार्डों में नलों से स्वच्छ पेयजल के बजाय बदबूदार और नाली मिश्रित पानी आ रहा है।
रहवासियों का आरोप है कि जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद परिषद हालात सुधारने में विफल रही है। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई जनहानि के बावजूद सिंगोली में स्थिति जस की तस बनी हुई है। वार्ड क्रमांक 5 में फिर नलों से काला और बदबूदार पानी आने पर नगरवासियों का आक्रोश फूट पड़ा।
महिलाओं और परिवारों ने इसे सीधे तौर पर आमजन की सेहत से खिलवाड़ बताया। सूचना मिलने पर तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल मौके पर पहुंचे और संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए जल लाइन तत्काल दुरुस्त करने तथा टैंकर से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाद में सीएमओ खेमचंद मूसले भी पहुंचे और समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा पैसे लेकर पानी सप्लाई करने की शिकायत की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
लगातार गंदे पानी की सप्लाई से नगर में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल टैंकरों के भरोसे जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी।