श्योपुर। जिले के निवासी लड्डूलाल (उम्र 60 वर्ष) को शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल श्योपुर के इमरजेंसी कक्ष में लाया गया। परिजनों ने बताया कि घर पर कार्य करते समय ग्राइंडर मशीन के ब्लेड से दुर्घटना हो गई, जिससे दाहिनी ओर की अंडकोष थैली फट गई और आंत बाहर निकल आई। हादसे में आंतें कट गईं तथा दाहिना अंडकोष भी अत्यंत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेन्द्र स्वरूप मांझी ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल मरीज को ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट कराया। उनके नेतृत्व में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. प्रशांत, डॉ. रिज़वान एवं सहयोगी डॉ. करण की टीम ने बिना विलंब जटिल शल्यक्रिया प्रारंभ की।
ऑपरेशन के दौरान बाहर निकली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त आंत के हिस्से को हटाकर (रिसेक्शन) आंत को पुनः जोड़ा गया (एनेस्टोमोसिस)। वहीं, पूरी तरह नष्ट हो चुके दाहिने अंडकोष को हटाते हुए राइट ऑर्किडेक्टॉमी की गई। इसके साथ ही दाहिनी ओर की इन्गुइनल कैनाल की दीवार की सुदृढ़ मरम्मत भी की गई।
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में वरिष्ठ निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. योगेश रावत की अहम भूमिका रही, जिनकी निस्वार्थ सेवा भावना और सतर्क एनेस्थीसिया प्रबंधन से यह ऑपरेशन संभव हो सका। ऑपरेशन थियेटर प्रभारी ममता सिस्टर, पूजा सिस्टर, अतुल एवं ब्रिजेश का भी सराहनीय सहयोग रहा।
कई घंटों तक चली सफल सर्जरी के बाद मरीज को बेहतर निगरानी हेतु आईसीयू में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह विशेषज्ञों की सतत निगरानी में है।
इस उत्कृष्ट चिकित्सा उपलब्धि पर डॉ. विपेंद्र भदकारिया (डीन), डॉ. दिलीप सिंह सिकरवार, डॉ. आर.बी. गोयल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मेडिकल कॉलेज श्योपुर के सर्जन डॉ. बृजेन्द्र स्वरूप मांझी एवं उनकी संपूर्ण टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।