नीमच। नीमच जिले में जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में इस वर्ष उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले में 324 मां की बगिया का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके साथ ही 373 बोरी बंधान का निर्माण कर जल स्रोतों से बहते जल को रोकने का कार्य किया गया है, जिससे भू-जल स्तर में वृद्धि होने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सका है। इसके अलावा जिले में 510 नए खेत तालाबों का निर्माण भी पूर्ण किया गया है।
यह जानकारी कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, कार्यपालन यंत्री आर.ई.एस. बी.एल. कातिजा, सभी जनपद सीईओ, सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।
मार्च अंत तक शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश-
खेत तालाबों और अमृत सरोवरों के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जनपद सीईओ एवं उपयंत्री शेष बचे खेत तालाबों और अमृत सरोवरों के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ मार्च माह के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। साथ ही स्वीकृत सभी मां की बगियाओं के कार्य भी तय समयसीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए।
जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति-
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में 1783 डगवेल रिचार्ज के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष डगवेल रिचार्ज कार्यों को भी 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 30 नए अमृत सरोवर निर्माण कार्यों का चयन किया गया है, जिनकी टीएस/एस्टीमेंट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कार्य प्रारंभ किए जा सकें।
कलेक्टर ने आगामी वर्ष के लिए नीमच एवं जावद जनपद में 250-250 तथा मनासा जनपद में 400 खेत तालाब निर्माण कार्य चिन्हित कर कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश भी दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश-
अमृत सरोवर निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित उपयंत्रियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए। वहीं गंगोत्री हरित परियोजना के अंतर्गत बोरखेड़ी नदी के उद्गम स्थल पर 10 एकड़ शासकीय भूमि पर पौधारोपण के स्वीकृत प्रोजेक्ट में 5 से 6 फीट ऊंचे पौधे लगाने, पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं पौधों के उचित चयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी जावद जनपद के सीईओ को सौंपी गई।
गांवों में स्वच्छता गतिविधियों पर जोर-
बैठक में ‘स्वच्छता शनिवार’ अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों पर स्थित ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता से स्वच्छता अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों के सहयोग से गांव के प्रमुख स्थलों, सड़कों और चौराहों पर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
पीएम आवास योजना की समीक्षा-
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में कलेक्टर ने वर्ष 2025-26 के स्वीकृत नवीन आवासों में स्वीकृति के साथ ही पहली किश्त जारी करने के निर्देश दिए। जिले में 8837 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 3007 आवास निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।