देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह में 221 स्टूडेंट को पीएचडी की उपाधि दी गई। दो साल के बाद हो रहे इस आयोजन में विभिन्न परीक्षाओं में अव्वल रहे करीब 150 स्टूडेंट को गोल्ड मेडल भी दिया गया। यह कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि बीते दो वर्षों से दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं हुआ था, इसलिए स्टूडेंट में ज्यादा उत्साह था। जिन छात्रों ने पीएचडी की है, उसका देश के विकास में योगदान देंगे। यही हमने सभी स्टूडेंट को संदेश दिया है।
आयोजन में राज्यपाल मंगु भाई पटेल, सांसद शंकर लालवानी, कुलपति प्रो राकेश सिंघई भी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास थे।
राज्मंयपाल मंगु भाई पटेल ने कहा देवी अहिल्या बाई होल्कर का जन्म 500 साल पहले हुआ था। उन्होंने महिला शिक्षा पर जोर दिया था। अभी बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है जिस तरह बेटियां आगे बढ़ रही हैं आने वाले समय मे बेटा बचाओ पर सोचना पड़ेगा।
राज्यपाल ने स्टूडेंट से कहा कि लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ते रहें। कठिनाइयां आती रहेंगी। आप जितने नम्र रहेंगे उतने आगे रहेंगे। जितने अकड़ में रहेंगे उतना पीछे होते जाएंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगु भाई पटेल हैं। इस बार दीक्षांत समारोह को समयबद्ध और संक्षिप्त रखते हुए केवल सवा से डेढ़ घंटे में संपन्न करने की योजना है, जिसके तहत सभी मेडल और डिग्रियों का वितरण इसी समयावधि में किया जाएगा। राज्यपाल ने परिसर में ही एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
213 मेडल और 221 पीएचडी डिग्रियां दीं
समारोह में कुल 213 मेडल और 221 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। यह दीक्षांत समारोह विशेष इसलिए भी है, क्योंकि इसमें शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 दोनों का दीक्षांत एक साथ आयोजित किया जा रहा है। पीएचडी डिग्री प्राप्त करने वाले शोधार्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक है।