डबरा। एमपी के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्तिपीठ पर बागेश्वर बाबा ने तीसरे दिन हनुमंत कथा का समापन किया। इस दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘किस्सा कुर्सी का’ की कथा सुनाई। बात पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा तक पहुंच गई।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अगर मेरी पहली बड़ी कथा किसी ने कराई थी तो दादा ने ही कराई थी। उस समय वह गृहमंत्री थे। हमें उस समय ज्यादा लोग जानते भी नहीं थे। तब आप मुझे दतिया लेकर आए थे, वो अद्भुत क्षण था। आज फिर से सबसे बड़ी कथा किसी ने कराई तो वो भी दादा ने कराई।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं व्यास पीठ से कथा सुन रहा था, तब हमने कहा कि नेताओं को कुर्सी के खिसकने का डर रहता है। इस समय नरोत्तम दादा बोले कि मेरे पास तो कुर्सी है ही नहीं। इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान ने चाहा तो आपको आगे यह शब्द नहीं कहना पड़ेगा।
भगवान आप पर ऐसी कृपा करें कि आप राम सेवा और राष्ट्र की सेवा सदा करते रहें। आपकी गति और माटी सदैव ठीक बनी रहे। प्रगति होती रहे, ऐसी हम अपने हनुमान जी और बालाजी से प्रार्थना करते हैं। इसके बाद अब राजनीतिक गलियारों में तमाम चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा फिर से कुर्सी पाने की चाहत रखते हैं।