पोलायकला। ग्राम निवालिया में शासकीय सेवा भूमि को निजी बताकर बेचने और 24 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अकोदिया पुलिस ने जांच के बाद खरीददार की शिकायत पर गांव के कोटवार, दलाल और तत्कालीन राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों सहित आठ नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उन्हें गैर-जमानती धाराओं में जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम निवालिया की भूमि सर्वे क्रमांक 516/01, जो पांच बीघा 7 बिस्वा है, उसे ग्राम कोटवार और राजस्व विभाग के साथ मिलकर दलालों ने शासकीय जमीन को निजी संपत्ति बताकर सारंगपुर निवासी ताज मोहम्मद को बेच दिया। आरोपियों ने रजिस्ट्री करवाकर फरियादी से 24 लाख 10 हजार रुपये ठग लिए।
यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया अटकी। तत्कालीन तहसीलदार ने सतर्कता दिखाते हुए उक्त भूमि के नामांतरण पर रोक लगा दी और उसे वापस सेवा खाते में दर्ज करने के आदेश दिए।
इस पूरे मामले में राजस्व विभाग से लेकर बैंक अधिकारियों तक की मिलीभगत का आरोप है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अकोदिया शाखा भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि केसीसी लोन देते समय बंधक की प्रक्रिया पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। राजस्व अधिकारियों ने भी जांच करना उचित नहीं समझा और उक्त भूमि पर खसरे में बंधक इंद्राज कर दिया। इससे राजस्व विभाग के अधिकारियों की शासकीय सेवा भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित करने में संलिप्तता स्पष्ट होती है। एसडीओपी शुजालपुर निमेश देशमुख ने बताया कि आवेदक ताज मोहम्मद पिता शमशाद अली सारंगपुर के आवेदन पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोटवार रतनलाल, उसके पुत्र दिनेश और विकास पिता माखन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। राजस्व विभाग से तत्कालीन अधिकारी कर्मचारी की जानकारी मांगी गई है। जिनकी आई डी से पूरे मामले को अंजाम दिया गया है। दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी।