नीमच। शहर के फव्वारा चौक पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 65 वर्षीय योग शिक्षक अचानक अचेत होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद कंजार्डा चौकी प्रभारी श्यामलाल कुमावत ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की और अपनी सूझबूझ से बुजुर्ग की जान बचा ली।
जवाहर नगर निवासी योग शिक्षक फव्वारा चौक से गुजर रहे थे, तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग स्थिति को समझ पाते, इससे पहले ही उपनिरीक्षक कुमावत ने उनकी गंभीर हालत और थमती सांसों को पहचान लिया। उन्होंने बिना किसी देरी के सड़क पर ही कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू किया। सीने को पंप करने के कुछ ही क्षणों बाद बुजुर्ग की सांसें लौट आईं।
इसके बाद एसआई कुमावत ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना उन्हें अपने निजी वाहन से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि यदि 2 से 4 मिनट की भी देरी होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उपचार के बाद योग शिक्षक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिसकर्मी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर की गई कार्रवाई से उनके परिवार को बड़ी क्षति से बचाया जा सका।
प्रशिक्षण की सीख आई काम-
कंजार्डा चौकी प्रभारी श्यामलाल कुमावत ने कहा कि वर्दी पहनने का उद्देश्य जनता की सेवा करना है। प्रशिक्षण के दौरान मिली प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी आज किसी के जीवन को बचाने में काम आई, यही उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।