मोरवन। शनिवार दोपहर मोरवन में विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते एक गंभीर हादसा हो गया। मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही महिलाओं के समूह पर अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल गिर गया, जिससे एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि एक अन्य महिला को मामूली चोटें आईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दर्जनों महिलाएं मंदिर से दर्शन कर पैदल अपने घर की ओर जा रही थीं, तभी अचानक विद्युत पोल गिर पड़ा। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत मंडल को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद करवाई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

ग्रामीण महेश जाट, पवन राठौर सहित अन्य लोगों ने बताया कि उक्त विद्युत पोल लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में था। इसकी सूचना कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई थी, बावजूद इसके पोल को बदला नहीं गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि सौभाग्यवश पोल एक लोहे के गेट में अटक गया, अन्यथा बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। घायल महिला के परिजन और समाजजनों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में मोरवन विद्युत विभाग में पदस्थ जूनियर इंजीनियर प्रवीण सावलिया ने कहा कि उन्हें पूर्व में इस पोल के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने हाल ही में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। वहीं, डिविजनल इंजीनियर कल्याण सिंह चौहान ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली है। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो सोमवार को टीम गठित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही और जर्जर पोलों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सभी क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों को बदला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
