भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सीटी/जीडी जवान बालाराम प्रदीप उइके शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। वे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी शहादत की सूचना मिलने के बाद उनके परिवार, ग्राम कोल्हिया और पूरे मुलताई अंचल में दुख का माहौल है।
आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शहीद जवान के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक सलामी दी गई। इसके बाद पार्थिव देह को उनके गृह ग्राम कोल्हिया, मुलताई रविवार सुबह लाया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। लोग तिरंगा लेकर खड़े थे और “भारत माता की जय” तथा “शहीद अमर रहें” के नारे लगा रहे थे।
आज शहीद की अंतिम यात्रा कोल्हिया से निकलेगी
शहीद बालाराम उइके की अंतिम यात्रा रविवार को सुबह 11 बजे उनके निवास ग्राम कोल्हिया से निकलेगी। यह यात्रा ग्राम से मालेगांव स्थित उनकी निजी भूमि तक जाएगी, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी और आईटीबीपी के जवान उन्हें अंतिम सलामी देंगे।
शहीद उइके सरल, अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे
शहीद बालाराम उइके चर्चित फिल्म श्जंगल सत्याग्रहश् के लेखक, निर्माता और निर्देशक डॉ. प्रदीप उइके के बड़े भाई थे। उनके निधन से परिवार और पूरा क्षेत्र दुखी है। वे सरल स्वभाव, अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ जवान के रूप में जाने जाते थे।
ग्राम कोल्हिया सहित मुलताई अंचल में शोक का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राष्ट्र सेवा में दिए गए उनके सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।