श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए प्रति व्यक्ति ऑनलाइन पंजीयन शुल्क लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ शनिवार को युवा कांग्रेस ने मंदिर क्षेत्र में सांकेतिक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया को एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन मंदिर परिसर के नीलकंठ मार्ग द्वार पर हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सशुल्क दर्शन व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। महाकाल मंदिर समिति द्वारा संध्या आरती और शयन आरती में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य करते हुए 250-250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किए जाने के बाद से शहर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था को बदला जा रहा है और आम भक्तों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने ‘दलाली बंद करो’ और ‘भक्तों का पैसा खाना बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए। कुछ देर तक कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
अब संध्या और शयन आरती का भी शुल्क
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भस्म आरती की तर्ज पर अब संध्या और शयन आरती को भी सशुल्क कर दिया है। जिससे आम श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। उनका आरोप है कि यह निर्णय बिना किसी व्यापक जनसंवाद के लिया गया है। इस प्रदर्शन में जिला स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया को ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई गई। पुलिस बल की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
शयन आरती में 8493 भक्तों ने किया दर्शन
मंदिर प्रशासन ने एक दिन पहले, 20 फरवरी 2026 को आयोजित शयन आरती के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से होने की जानकारी दी है। प्रशासन के अनुसार, पूर्व पंजीयन कराने वाले 1168 श्रद्धालुओं और 7325 निःशुल्क दर्शनार्थियों सहित कुल 8493 भक्तों ने विधिवत दर्शन लाभ प्राप्त किया था।