नीमच। प्रदेश में 1 अप्रैल से लागू होने जा रही नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस ऑपरेटरों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। नीमच जिला प्रायवेट बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि नीति वापस नहीं ली गई तो 2 मार्च 2026 से पूरे मध्यप्रदेश में स्टेज कैरिज बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
संघ के संरक्षक मुकेश गुप्ता ने बताया कि 22 दिसंबर को सागर में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
कंपनियों को संचालन सौंपने का आरोप
बस ऑपरेटरों का आरोप है कि शासन बस संचालन की व्यवस्था सात कंपनियों को सौंपने जा रहा है, जिससे निजी बस मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और उनका नियंत्रण समाप्त हो जाएगा। उनका कहना है कि नई व्यवस्था में संचालन और नियंत्रण शासन द्वारा नियुक्त एजेंसियों के हाथ में रहेगा, जिससे वर्षों से स्वतंत्र रूप से व्यवसाय कर रहे संचालक केवल नाममात्र के रह जाएंगे।
आजीविका पर पड़ेगा असर
ऑपरेटरों का दावा है कि नई नीति लागू होने से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और आर्थिक संकट गहरा जाएगा। ज्ञापन में 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधन प्रारूप को निरस्त करने, 29 दिसंबर 2025 के संशोधन को समाप्त करने और वर्तमान बस संचालन व्यवस्था को यथावत रखने की मांग की गई है।
परिवहन व्यवस्था पर असर की आशंका
बताया गया कि नीमच जिले से प्रतिदिन लगभग 250 निजी बसें संचालित होती हैं। हड़ताल की स्थिति में जिले सहित पूरे प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।