चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ की धरा पर इन दिनों सेवा का संगम उमड़ रहा है, भाविप के चित्तौड़गढ़ जिला दिव्यांगता मुक्त अभियान के अन्तर्गत भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप चित्तौड़गढ़ चेरिटेबल ट्रस्ट, श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर फुट, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग 12 वें निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं उपकरण वितरण शिविर के दुसरे दिन का शुभारंभ क्षेत्रीय संयोजक कमल जैन शाखा अध्यक्ष महेश नुवाल सचिव बृजेश मोदानी वरिष्ठ सदस्य ऋषभ सुराणा व विशेषज्ञ टीम के लीडर देवकीनंदन नें मॉं भारती स्वामी विवेकानन्द व भगवान महावीर स्वामी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया।
क्षेत्रिय संयोजक कमल जैन नें कहा कि किसी भी दिव्यांग को कृत्रिम अंग लगनें के बाद वह दिव्यांग नहीं रहता, बल्कि फिर से उसकी दुनिया संवरनें लगती है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दौरान किसी का हाथ या पैर टूट जाता है तो उसके उपर निर्भर परिवार की स्थिति ख़राब हो जाती है ऐसे दिव्यांगों को यदि समय पर कृत्रिम अंगों का सहारा मिल जाता है तो वह व्यक्ति काम करनें लायक बन जाता है और उसके परिवार की स्थति सुधरने लग जाती है।
भाविप के प्रान्तीय महासचिव सुधीर वोरा नें कहा कि दिव्यांग साथियों के लिये यह शिविर आत्मविश्वास का स्थल है और आत्मविश्वास के बल पर असंभव से भी असंभव कार्य सम्पन्न हो जाते हैं जिला शिक्षा अधिकारी निम्बाहेडा अरविन्द मूंदडा नें दिव्यांग शिविर में आए दिव्यांगों से कहा कि वे अपनें आपको असहाय न महसूस करके मुख्यधारा में जुडे रहे और साथ में आए परिजन भी उन्हे असहाय महसूस न होनें दें।
शिविर का अवलोकन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश सुनिल गोयल नें संदेश दिया कि दूसरों की सेवा के लिए सर्वस्व समर्पित करना ही वास्तविक मनुष्यता है।
आपके अतिरिक्त पेनल एडवोकेट भारती गेहलोत बाल विकास के उप निदेशक ओम तोषनीवाल श्री जैन श्वेताम्बर सातबीस देवरी के अध्यक्ष शिक्षाविद डॉ ए एल जैन महावीर सेवा संस्थान के संरक्षक कोमल पोखरना एडवोकेट बसंतीलाल मेहता मनसुख पटवारी श्री श्री रविशंकर ध्यान केन्द्र निदेशक भगवान तडबा सहित शहर के गणमान्य व्यक्तियों नें शिविर का अवलोकन किया व कहा कि पूरी कायनात सेवा के इस विलक्षण कार्य को देख रही है।
शारीरिक अक्षमता को कृत्रिम अंग पूर्ण कर रहे हैं
यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं बल्कि उन लोगों के लिये नया जीवन है जो चलने फिरने या सुनने की शक्ति खो चुके हैं । शिविर का भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे दिव्यांगों को जयपुर फुट का सहारा मिला । शिविर में कई भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं बरसों से घिसट घिसट कर चल रहे दिव्यांग जब श्जयपुर फुटश् पहनकर अपने पैरों पर खड़े हुए, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
24 फरवरी तक जारी रहेगा सिलसिला
श्री महावीर विकलॉंग सहायता समिति के देवकीनंदन जिनके दोनों हाथ नहीं है के नेतृत्व में 14 विशेषज्ञों की टीम दिन रात इस सेवा यज्ञ में जुटी है दिन में दिव्यागों के नाप लेकर दि रात कृत्रिम अंगों का निर्माण जारी है।
पंजीयन का ऑंकडा 500 पार मौके पर मिल रही राहत
शाखा सचिव बृजेश मोदानी ने बताया कि शिविर की भव्यता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 505 दिव्यांगों का पंजीयन किया जा चुका है जिनके लिये युद्ध स्तर पर 14 विशेषज्ञों की टीम मौके पर ही कृत्रिम हाथ-पैर और कैलीपर्स तैयार कर रही है। श्रवण यंत्र, बैसाखी, ट्रायसाइकिल व्हीलचेयर और वॉकर का वितरण किया जा रहा है।
वहीं मौके पर ही सॉंवलिया जी चिकित्सालय के अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ विनोद धाकड नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुमन इ एन टी विशेषज्ञ डॉ बीना व आॉडियोमैट्रिक विशेषज्ञ डॉ सारिका पंवार ने दिव्यांगों की जॉंच कर उपकरणो व यू डी आई डी कार्ड के लिये प्रमाणित किया व समाज कल्याण विभाग के नंदलाल कृष्ण अवतार देवे़श शर्मा सूचना सहायक नारायण भॉंबी व डॉटा एन्ट्री आपरेटर नन्द किशोर नें सहायता की शाखा अध्यक्ष महेश नुवाल ने बतलाया कि पिडीत मानवता को सहारा देनें वाला यह शिविर 24 फरवरी तक जारी रहेगा, अंतिम दिन भी जो आएगा उसको भी खाली नहीं लौटाया जायेगा।