नीमच। आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त उपचार की व्यवस्था होने के बावजूद निजी अस्पताल द्वारा नगद राशि वसूलने और इलाज का बिल न देने का मामला सामने आया है। नीमच जिले के मनासा तहसील के ग्राम भाटखेड़ी निवासी पूजा बंजारा ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर श्रीराम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।आवेदन के अनुसार, उनके पति राजू बंजारा 2 दिसंबर 2025 को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। जिला अस्पताल से रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर पाए जाने पर उन्हें 3 दिसंबर को श्रीराम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां वे 12 दिसंबर 2025 तक करीब 10 दिन उपचाररत रहे।पीड़िता का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड से इलाज होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लगभग 1,50,000 रुपये नगद वसूल लिए। वहीं जांच अधिकारी के समक्ष राजू बंजारा ने अपने कथन में बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत 50,000 रुपये का भुगतान लिया गया, साथ ही 1,00,000 रुपये नगद लिए गए, जिसकी कोई रसीद प्रदान नहीं की गई।पूजा बंजारा ने आवेदन में बताया है कि इलाज के बाद जब उन्होंने अस्पताल से विस्तृत बिल और भुगतान का विवरण मांगा तो प्रबंधन द्वारा टालमटोल कर बिल देने से मना कर दिया गया। इस संबंध में उन्होंने 20 फरवरी 2026 को पुलिस थाना नीमच कैंट में शिकायत दर्ज कराई तथा सीएम हेल्पलाइन पर भी प्रकरण दर्ज कराया है।जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में पीड़िता ने मांग की है कि अस्पताल से उपचार का पूर्ण बिल और आयुष्मान योजना के अंतर्गत किए गए भुगतान का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यदि आयुष्मान योजना के नाम पर अवैध वसूली की गई है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।मामले ने आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।