बैतूल। जिले के मुलताई क्षेत्र में कॉलोनाइजर द्वारा कथित रूप से सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर प्लॉट बेचने का मामला बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में उठाया गया। मुलताई के विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने सरकार से इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी।
विधायक ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए पूछा कि रामदेव बाबा बार्काे डेवलपर्स एंड कॉलोनाइजर्स के खिलाफ मिली शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस मामले में राजस्व, पुलिस या नगर प्रशासन के किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
मंत्री ने कहा- गिरफ्तारी के प्रयास जारी
सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि 1 सितंबर 2024 को मुलताई थाने में अपराध क्रमांक 639/24 दर्ज किया गया था। मामला धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा है।
मंत्री ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस टीमों ने नागपुर, अमरावती सहित अन्य स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी अब तक फरार हैं।
मामला कोर्ट में विचाराधीन
सरकारी जवाब में यह भी बताया गया कि संबंधित कॉलोनाइजर ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट पेश की जाएगी। अभी तक किसी अधिकारी की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।