खरगोन। विधायक एवं पूर्व कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार के गृह ग्राम टेमला मे गुरुवार की सुबह अन्य दिन की सुबह से अलग नजर आई। यहां गांव की हर गली भोर होते ही जय श्री राम के जयघोष एवं हरे राम- हरे राम, हरे कृष्ण- हरे कृष्णा के संकीर्तन से गुंजायमान हो उठी। अवसर था मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मस्थल अयोध्या जा रही दर्शन यात्रा का। सम्भवतः यह पहला अवसर होगा जब समूचा गांव एक साथ धार्मिक यात्रा के लिये रवाना हुआ। यह यात्रा ग्राम में श्रीकृष्ण चौतन्य संकीर्तन मंडल पिछले 50 वर्षों से प्रतिमाह अनवरत जारी हरे राम, हरे कृष्ण संकीर्तन के 50 वर्ष पूर्ण होने के निमित्त निकाली जा रही है।
यात्रा रवानगी पर विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
यह तीर्थयात्रा राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक , आध्यात्मिक, धर्मजागरण ओर सामाजिक समरसता की यात्रा होगी। आप सब को एक साथ दर्शन का अवसर मिल रहा है यह सौभाग्य की बात है।
यात्रा आयोजन समिति में शामिल युवा उद्यमी एवं समाजसेवी नितिन पाटीदार ने बताया जय श्री राम के जयघोष के साथ भक्तों का जत्था रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम के लिए रवाना हो रहा है। राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही लोगों में अपार उत्साह है। यह यात्रा गान की सामाजिक एकता जा प्रतीक है, क्योंकि इसमें गांव के हर घर का एक व्यक्ति शामिल हुआ है। रामलला के दर्शन की ललक भक्तों के चेहरे पर साफ नजर आई। भक्तों के आने- जाने, ठहरने ओर चाय- नाश्ता ओर भोजन की व्यवस्था समिति ने की है।
गांव से करीब 500 ग्रामीण जिसमें रामकथा अयोजन समिति के सदस्य भी शामिल है। गुरुवार तड़के 5 बजे गांव के श्रीराम मंदिर में दर्शन के बाद रवाना यात्रा रवानगी हुई। यात्रा से पहले गांव में ढ़ोल- मंजीरे के साथ भजन. कीर्तन करते हुए प्रभातफेरी के रुप में श्रद्धालू यात्रा वाहनों तक पहुंचेंगे। इस यात्रा के लिए एक दर्जन स्लीपर कोच बसों के साथ ही चार ट्रेवलर और चार पहिया वाहनों की व्यवस्था की गई है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान 27 एवं 28 फरवरी 2 दिन अयोध्या धाम में सरयू नदी स्नान, जानकी महल, जनक महल, दशरथ महल, श्री हनुमान गढ़ी एवं प्रभु श्री राम जी के भव्य, दिव्य दर्शन कर आस्था की डुबकी लगाकर रामभक्ति से सराबोर होगा।
यात्रा रवानगी पर विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
यह तीर्थयात्रा राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आध्यात्मिक ओर सामाजिक समरसता की यात्रा होगी। आप सब को एक साथ दर्शन का अवसर मिल रहा है यह सौभाग्य की बात है। उल्लेखनीय है कि रामलला के दर्शन की ललक और गहरे उत्साह के साथ भक्त अयोध्या जा रहे है। 22 जनवरी 2024 के बाद से, देश भर से श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जिसमें ढोल-नगाड़ों के साथ भजन-कीर्तन करते हुए भक्त सरयू तट पर स्नान के बाद रामलला के दर्शन के करते है।