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February 26, 2026, 6:08 pm
NEWS : बीमा कम्पनी के विरूद्ध 10 लाख रुपये मय ब्याज व 5-5 हजार रुपये मानसिक संताप, अधिवक्ता व्यय अलग से दिये जाने का आदेश पारित, पढे़ रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। न्यायालय जिला स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा व सदस्यगण प्रदीप काबरा, दीप्ति सेठिया ने अपने एक निर्णय में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लि. बीमा कम्पनी के विरूद्ध 10 लाख रुपये मय ब्याज व 5-5 हजार रुपये मानसिक संताप, अधिवक्ता व्यय अलग से दिये जाने का आदेश पारित किया।


प्रकरणानुसार राशमी तहसील की मरमी निवासी कैलाशी देवी पत्नी लालूराम वैष्णव ने जरिये अधिवक्तागण भगवतसिंह गिलुण्डिया, राजकुमार वैष्णव, कैलाश वैष्णव के एक परिवाद न्यायालय में इस आशय का पेश किया कि परिवादिया के पति का इंडिया पोस्ट पैमेन्ट बैंक के मार्फत एक हजार रुपये प्रीमियम काट कर बीमा कम्पनी से दुर्घटना बीमा किया हुआ था। बीमा अवधि के दौरान ही बीमाधारक की खेत पर कृषि कार्य करने के दौरान स्टार्टर में करंट लगने से दुर्घटनावश मृत्यु हो गई। परिवादिया ने पोस्टमार्टम, रोजनामचा, पंचायतनामा आदि दस्तावेजों के साथ बैंक के जरिये बीमा कम्पनी में क्लेम फाईल पेश की। बीमा कम्पनी द्वारा मृत्यु को हार्ट अटेक बता कर नो क्लेम कर दिया गया। दौराने प्रकरण परिवादिया के अधिवक्तागणों के तर्कों, प्रस्तुत गवाहों व दस्तावेजों के अवलोकन पश्चात् न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया।

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