नीमच। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ित अब 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक लागू रहती है। योजना का उद्देश्य ‘गोल्डन आवर’ में जीवन बचाना है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने पर लगभग 50 प्रतिशत सड़क दुर्घटना मृत्युओं को रोका जा सकता है।
पात्रता और प्रक्रिया-
- सड़क दुर्घटना के सभी पीड़ित, चाहे हादसा हाईवे पर हुआ हो या शहर की सड़क पर, योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- पीड़ित को 112 पर कॉल कर हादसे की सूचना देनी होगी और एंबुलेंस सेवा का अनुरोध करना होगा।
- अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा और क्लेम प्रोसेसिंग ऑनलाइन ट्रैक की जाएगी।
- नीमच जिले में इस योजना के तहत 43 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं।
कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में पीएम राहत योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी अस्पताल में भर्ती हो, अस्पताल द्वारा इलाज से इंकार नहीं किया जाएगा। आवश्यकतानुसार मरीज को उच्च संस्थानों में रेफर किया जा सकता है। पुलिस को 24 घंटे में दुर्घटना का रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अस्पताल में सात दिन तक इलाज का खर्च योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक कवर होगा।
थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य-
कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपने वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा करवाने की अपील की। बगैर बीमा पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद उपस्थित थे।