रतलाम। जमीन का सौदा कर 90 लाख रुपए लेने और रजिस्ट्री नहीं कराने के आरोप में रतलाम के अनाज व माइनिंग व्यवसायी सैयद अख्तर अली समेत इसके भाई, बहन कुल पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। अनाज व्यापारी ने विक्रय अनुबंध के आधार पर रजिस्ट्री नहीं कराई। 5 साल से बहाने कर रहा था। जबकि विक्रय अनुबंध वाली जमीन का अन्य को सौदा कर दिया।
रतलाम के विजय (64) पिता मांगीलाल कटारिया निवासी पैलेस रोड ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया चार साल पूर्व 2021 में सर्वे क्रमांक 221/1 और 221/2 जो कि 2.2350 व 2.2350 हेक्टेयर भूमि का विक्रय अनुबंध करार सैयद अख्तर अली, अफसर अली, मोहब्बत अली, अलताब बी, फिरोज बी से 2 करोड़ 70 लाख रुपए में किया था। जिसका 90 लाख रुपए एडवांस दिया। करार के अनुसार बाकी का बचा हुआ पैमेंट दो साल बाद रजिस्ट्री पर देना था।
5 साल बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई
विक्रय अनुबंध के आधार पर अलग-अलग चौक से 90 लाख रुपए दिए गए है। 9 मार्च 2021 को उप पंजीयक कार्यालय में अनुबंध पंजीकृत कराया गया। तय हुआ कि 7 मार्च 2023 तक शेष राशि लेकर विक्रय पत्र का पंजीयन कराया जाएगा। भूमि पर लिए गए बैंक ऋण चुकाकर एनओसी प्रस्तुत की जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रजिस्ट्री का समय आने पर आरोपियों ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर एक साल का और समय मांगा। 9 फरवरी 2023 को पंजीयन अवधि बढ़ाने का अनुबंध भी किया। इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। पांच साल बितने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई। तब जाकर पुलिस को शिकायत की।
जमीन को दान पत्र कर दिया
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी सैयद अख्तर अली ने विक्रय अनुबंध होने के बावजूद जमीन दान पत्र अपने बेटे सैय्यद मुर्तुजा अली के नाम कर दी। यहां तक उक्त जमीन के नाम पर एचडीएफसी बैंक से लाखों रुपये का लोन भी ले लिया। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने सैयद अख्तर अली पिता वाहीद अली, भाई सैयद अफसर अली, मोहब्बत अली निवासी वाहीद विला ओल्ड बायपास रोड रतलाम व दो महिलाएं अल्ताब बी व फिरोजा बी निवासी रहमत नगर के खिलाफ धारा 420 में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सोने की खदान का लाइसेंस हुआ था निरस्त
सैयद अख्तर अली ओवैस मेटल एंड मिनरल प्रोसेसिंग लिमिटेड के संचालकों में शामिल हैं। साथ ही रतलाम का बड़ा अनाज व्यापारी भी है। यह भी जानकारी सामने आई है कि सैयद अख्तर अली द्वारा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल क्षेत्र के भूकिया-जगपुरा में सोने की खदान के लिए इसकी कंपनी ने 65.30 प्रतिशत की उच्चतम बोली लगाई थी। बाद में दस्तावेजों, कंपनी की संपत्ति और आयकर रिटर्न में खामियों के चलते खनन विभाग ने नीलामी निरस्त कर दी थी।
यह राजस्थान में सोने की खदान के लिए पहला बड़ा माइनिंग लाइसेंस था। सैयद अख्तर अली के साथ रतलाम समेत आसपास के कई लोगों ने इसमें निवेश किया था। बैंकों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं, जिनकी वसूली की प्रक्रिया बैंकों ने जारी कर दी है। यहां तक बैंक द्वारा सार्वजनिक सूचना भी जारी की जा चुकी है।
तीन टीम बनाई-टीआई
स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्रसिंह जादौन ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीम बनाई है। जो कि रतलाम, बांसवाड़ा व इनके परिचितों के यहां जाकर तलाश करेगी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।