चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र के तत्वाधान में रूहानी होली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी जी ने होली के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली का वास्तविक अर्थ हमारे अंदर के काम, क्रोध और अहंकार जैसे दुर्गुणों को जलाना है। जब हम इन बुराइयों को अपने जीवन से समाप्त करते हैं, तभी जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के सच्चे रंग आते हैं।
उन्होंने कहा कि रंगों का यह त्योहार हमें जीवन के सकारात्मक गुणों की याद दिलाता है। हरा रंग प्रेम का प्रतीक है, लाल रंग शक्ति का, श्वेत रंग शांति का और केसरिया रंग पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। यदि मनुष्य अपने जीवन में सच्ची सुख-शांति और समृद्धि चाहता है, तो उसे काम, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और नफरत जैसे दुर्गुणों को त्यागकर प्रेम, शांति और पवित्रता को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भाई-बहनों को टीका लगाकर मुख मीठा कराया गया तथा प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र के कई सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने एक-दूसरे को रूहानी होली की शुभकामनाएं दीं।