उज्जैन। श्री चिंतामन गणेश मंदिर में चौत्र मास के दौरान आयोजित होने वाली पारंपरिक जत्रा के तहत बुधवार को दूसरी जत्रा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। इस साल कुल पांच जत्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें आने वाले तीन बुधवार को भी जत्रा का आयोजन होगा।
सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ भगवान श्री गणेश का पंचामृत अभिषेक किया गया और उनका भव्य श्रृंगार किया गया। जत्रा को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। अनुमान है कि देर शाम शयन आरती तक हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
पंडित गणेश गुरु ने बताया कि चौत्र माह की दूसरी जत्रा पर किसान नया धान लेकर भगवान गणपति को अर्पित करने पहुंचे। किसान मंदिर में अर्पित किया हुआ धान घर ले जाकर रखते हैं। जत्रा के क्रम में मंदिर में पंचामृत पूजन, अभिषेक और भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया।
जत्रा से जुड़ी मान्यताएं
मंदिर के पुजारी जयंत शर्मा के अनुसार चौत्र मास की शाही जत्रा में श्रद्धालु भगवान चिंतामन गणेश के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।
एक और मान्यता के अनुसार इस समय क्षेत्र में गेहूं और चने की फसल पककर तैयार हो जाती है। किसान अपनी नई उपज को बेचने से पहले भगवान को समर्पित करते हैं और इसी विश्वास के साथ जत्रा में भाग लेते हैं।