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March 31, 2026, 7:55 pm
KHABAR : प्रगतिशील किसान रोहित आंजना ने पेश किया पर्यावरण संरक्षण व मिट्टी उर्वरता बढ़ाने का अनूठा उदाहरण, नरवाई प्रबंधन से भूमि सुधार की दिशा में सराहनीय पहल, पढ़े खबर 

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उज्जैन। गेहूं की नरवाई जलाने की बजाय उसे मिट्टी में मिलाकर कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने और भूमि की उर्वरता शक्ति को संरक्षित रखने की दिशा में उज्जैन जिले की तराना तहसील के ग्राम बिजपड़ी के प्रगतिशील कृषक रोहित आंजना एवं इंदर सिंह आंजना ने सराहनीय पहल की है।

किसानों द्वारा अपनाई जा रही यह तकनीक न केवल पर्यावरण को प्रदूषण से बचा रही है, बल्कि मिट्टी की सेहत सुधारने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

रोहित आंजना ने बताया कि वे हार्वेस्टर से फसल कटाई के बाद भूसा बनाने की मशीन से भूसा तैयार करते हैं। इसके पश्चात ‘पाटा’ नामक साधारण कृषि यंत्र का उपयोग कर नरवाई को बारीक टुकड़ों में परिवर्तित किया जाता है। कुछ दिनों तक सूखने के बाद कल्टीवेटर से गहरी जुताई की जाती है, जिससे अवशेष मिट्टी में मिल जाते हैं।

उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास कल्टीवेटर उपलब्ध नहीं है, वे मल्चर या पल्टी फ्लो का उपयोग कर सकते हैं।

रोहित आंजना द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में यह नरवाई प्रबंधन अपनाया गया है। साथ ही वे अन्य किसानों को भी इस पर्यावरण हितैषी तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

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