खरगोन। शहर में मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार सम्मेलन ने पत्रकार एकता एवं श्रमजीवी पत्रकार संघ की ताकत के इतिहास में एक नई इबारत लिख दी। दो दिवसीय इस सम्मेलन में प्रदेश भर से सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए।
महती सभा में अतिथियों के साथ ही पत्रकारो ने पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने के लिए संकल्प लिया। प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा यह सम्मेलन प्रदेश सरकार को पत्रकारों की एकता, एकजुटता का अहसास कराने के लिये किया गया है। सरकार अब भी सचेत नही हुई तो पत्रकारो की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। पर दबाव बनाना था।
संभाग अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सदाशिव वर्मा ने बताया महासम्मेलन में पत्रकारों के विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की, पत्रकारों के हितों की अनदेखी की गई है। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में पहचाने जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय उन्हें दबाया जा रहा है।
इस अवसर पर कसरावद विधायक सचिन यादव, सीएमडी एल.एन. मालवीय, पद्मश्री जगदीश जोशीला रिजवान सिद्दिकी मनीष मडहार विजय मोरे सहित खरगोन जिले और प्रदेशभर से सैकड़ों जिला अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचीन यादव ने कहा कि पत्रकारों को दिन-रात, 24 घंटे लगातार काम करना पड़ता है। कई ऐसे अवसर आते हैं, जब समाज के सामने सच्चाई लाने के लिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पत्रकार लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उन पर विभिन्न प्रकार के दबाव भी बने रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदोरिया ने बताया कि संगठन की ओर से 21 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें से 18 मांगों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि शेष 6 प्रमुख मांगों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना, पत्रकारों की वन वापसी, प्रत्येक जिले में पत्रकार भवन का निर्माण और सभी पत्रकारों के लिए आवास व्यवस्था शामिल हैं। इन मांगों को लेकर दूसरे सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा तथा आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 1 मई को भोपाल में प्रदेशभर के पत्रकार एकत्रित होकर ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाएंगे, ताकि मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा सके।
सीएमडी एल.एन. मालवीय ने अधिवेशन की जानकारी देते हुए बताया कि पहले सत्र में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, आवास और आवागमन जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही दो दिवसीय आयोजन की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ। रिजवान सिद्दिकी ओर परसराम चौहान सहित अनेक पत्रकारों ने भी पत्रकारों की सुरक्षा और समस्याओं पर अपने विचार व्यक्त किए।