राज्य सरकार ने मंगलवार देर शाम एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया का नाम भी शामिल है। सरकार ने उन्हें जयपुर में गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव पद पर नियुक्त किया है।
शुभम चौधरी को मिली प्रतापगढ़ की जिम्मेदारी
उनकी जगह अब वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी शुभम चौधरी को प्रतापगढ़ का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है। डॉ. अंजलि राजोरिया ने 8 जनवरी 2024 को प्रतापगढ़ कलेक्टर का पद संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान, वह कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों और सख्ती के लिए जानी गईं।
राजोरिया विशेष रूप से नगर परिषद क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहीं। उन्होंने शहर में नदी-नालों के किनारे बने अवैध पक्के निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई की, जिससे भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया था।
राजोरिया ने 100 से ज्यादा '69ई' पट्टों पर कार्रवाई की
उनके कार्यकाल में करीब 100 से ज्यादा '69ई' पट्टों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई। इसके अलावा, एक सेवानिवृत्त आर्मी जवान पर आर्म्स एक्ट के कथित फर्जी मुकदमे और मुस्तफा सुसाइड केस की फाइल को दोबारा खोलने के मामलों को लेकर भी वे चर्चा में रहीं। इन मामलों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा की थी।
अब नई कलेक्टर शुभम चौधरी के सामने जिले की प्रशासनिक बागडोर संभालने के साथ-साथ इन लंबित मुद्दों को सुलझाने की चुनौती होगी। राजोरिया का जयपुर ट्रांसफर उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुए टकराव दोनों को यादगार बना गया है।