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April 2, 2026, 11:36 am
KHABAR : उज्जैन में होगा महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम, 3 दिन तक चलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंथन, काल गणना का वैश्विक केंद्र बनाने की पहल, सीएम और केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन, पढे़ खबर  

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उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “महाकालरू द मास्टर ऑफ टाइम” अब और अधिक खास हो गया है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, खगोलविद और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटकर प्राचीन ज्ञान और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान पर मंथन करेंगे। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य केंद्रीय मंत्री सहित देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और विद्वान शामिल होंगे।


मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उज्जैन को पुनः काल गणना के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। साथ ही भारत की समृद्ध खगोल विज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए स्पेस इकोनॉमी और विकसित भारत में उसकी भूमिका पर व्यापक चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में यह भी विचार किया जाएगा कि मध्यप्रदेश किस तरह स्पेस साइंस और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर सकता है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से वैज्ञानिक, शोधार्थी और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशेषज्ञ भाग लेंगे।


सम्मेलन के दौरान छह अलग-अलग सत्रों में वैज्ञानिक विषयों पर गहन चर्चा होगी। विशेष रूप से 4 अप्रैल को डोंगला स्थित वेधशाला में एक सत्र आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री पुनः शामिल होंगे। डोंगला का स्थान कर्क रेखा पर होने के कारण खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कार्यक्रम के साथ ही भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उज्जैन विज्ञान केंद्र का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसके शुरू होने से तारामंडल परिसर एक बड़े वैज्ञानिक प्रकल्प के रूप में विकसित होगा।


छात्रों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में विभिन्न कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान और ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और नई तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। यह सम्मेलन अपने आप में अनूठा माना जा रहा है, जहां भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के समन्वय के साथ भविष्य की दिशा तय करने पर विचार किया जाएगा। साथ ही यह आयोजन उज्जैन को वैश्विक स्तर पर टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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