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April 2, 2026, 6:22 pm
KHABAR : प्रगतिशील किसान राजेश आर्य की मिसाल, नरवाई से कमाई का नया मॉडल, स्ट्रॉ रीपर से बदली खेती की तस्वीर, किसानों को मिला फायदा, पढ़े पीडी बैरागी की खबर 

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मंदसौर। जिले के विकासखंड मल्हारगढ़ के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील कृषक राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर खेती को लाभकारी बनाने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है।

कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत आर्य ने स्ट्रॉ रीपर मशीन क्रय की, जिसमें उन्हें लगभग 1.50 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। इस मशीन की सहायता से वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई को भूसे में परिवर्तित कर रहे हैं।

जहां पहले किसान नरवाई जलाने को मजबूर होते थे, वहीं अब आर्य के प्रयासों से इस समस्या का समाधान हो रहा है। वे गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को निरूशुल्क साफ कर स्ट्रॉ रीपर से भूसा तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में प्रति ट्रॉली लगभग 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे वे संबंधित किसान को वापस कर देते हैं।

इस पहल से कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। किसानों को खेत साफ करने की चिंता से मुक्ति मिली है, अतिरिक्त गेहूं प्राप्त हो रहा है, भूसे के उपयोग एवं बिक्री से आय बढ़ रही है, नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त हो रही है तथा मृदा स्वास्थ्य में सुधार के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

आर्य द्वारा तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। उनकी यह पहल दर्शाती है कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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