देवास। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों एवं राज्य शासन के निर्देशों के बावजूद खेतों में गेहूं की नरवाई (पराली) जलाने वालों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर जिले में नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
इसी क्रम में विकासखंड टोंकखुर्द के ग्राम देवली में खेत में नरवाई जलाते पाए जाने पर किसान अखिलेश पिता सजन सिंह के विरुद्ध थाना टोंकखुर्द में प्रकरण दर्ज किया गया है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम ने लगभग 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र में नरवाई जलती हुई पाई।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित किसान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने पर 2500 से 15,000 रुपये तक का जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे फसल अवशेष जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं।
अधिकारियों ने बताया कि नरवाई जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम होती है। जिले में कृषि एवं राजस्व विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।