खरगोन। शासकीय जिला अस्पताल में एक बार फिर डाक्टरों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जहां प्रसूति के लिए जिला अस्पताल पहुंची एक महिला को ऑपरेशन के दौरान डाक्टर ने प्रसूता के पेट में ही नेपकिन छोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि खरगोन जिले के भीकनगांव ब्लॉक के ग्राम सेल्दा निवासी मनीषा घोड़माड़े का 17 मार्च 2026 को जिला अस्पताल खरगोन में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मोहित गुप्ता ने सर्जरी की थी। सर्जरी के दौरान एक महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन सर्जरी के दौरान अधिक रक्तस्राव रोकने के लिए डाक्टर ने पेट में ही नेपकिन छोड़ कर टांके लगा दिए।
ऑपरेशन के बाद महिला को पेट में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर मोहित गुप्ता ने इसे सामान्य दर्द बताकर टरका दिया। जिसके बाद परिजन महिला को इंदौर के निजी अस्पताल ले गए जहां 14 दिन बाद सर्जरी कर उसके पेट से नेपकिन निकाला गया। जिसमें करीब दो लाख रुपए का खर्च आया। फिलहाल महिला इंदौर के निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है।
मामला कलेक्टर भव्या मित्तल के संज्ञान में आने के बाद जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ राजकुमारी देवड़ा ने 3 सदस्यीय डॉक्टरों की जांच टीम बनाई है। सिविल सर्जन डॉ राजकुमारी देवड़ा का कहना है कि इस गम्भीर लापरवाही पर डाक्टरों की जांच टीम बनाई गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित डाक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।