गुना। शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की जिला परिषद ने जिला कलेक्टर गुना को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शासकीय शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य करने का नियम अन्यायपूर्ण है और इससे लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है।
AIDSO जिला परिषद के अध्यक्ष शुभम राव ने ज्ञापन में बाताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के कारण लगभग 3 लाख से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों पर TET पास करने का दबाव बनाया जा रहा है, अन्यथा उन्हें सेवा से बाहर किया जा सकता है। इस आदेश के विरोध में शिक्षक संगठनों द्वारा आंदोलन शुरू किया गया है, जिसका AIDSO समर्थन करता है।
एक तरफ सरकार हजारों सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से कार्यरत शिक्षकों को हटाने की तैयारी की जा रही है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 1 लाख शिक्षकों के पद पहले से खाली हैं, लेकिन इन पदों को भरने के बजाय कार्यरत शिक्षकों को ही हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति और खराब होगी। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को होगा।
AIDSO ने मांग की है कि सरकार तुरंत इस नियम पर पुनर्विचार करे, TET की अनिवार्यता समाप्त करे और शिक्षकों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और शिक्षकों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।