मंदसौर। जिले के पिपलिया मंडी निवासी कैलाश पोरवाल ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना का लाभ लेकर शुद्ध कच्ची घानी तेल उत्पादन का सफल व्यवसाय खड़ा किया है। “जीटी डायमंड” ब्रांड के तहत वे मूंगफली, तिल और सरसों का तेल तैयार कर देश के कई राज्यों में आपूर्ति कर रहे हैं।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्होंने शुद्ध तेल उपयोग का संकल्प लिया और इसी से इस व्यवसाय की शुरुआत हुई। पूंजी की कमी के बीच उन्हें पंजाब नेशनल बैंक से करीब 30 लाख रुपये का ऋण तथा 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली, जिससे उन्होंने आधुनिक मशीनें और लकड़ी की घानी स्थापित की।
वर्तमान में उनकी इकाई में प्रतिदिन लगभग 165 लीटर तेल का उत्पादन हो रहा है। उनके उत्पाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, असम और गुजरात तक पहुंच रहे हैं। इस उद्योग से 15 लोगों को रोजगार भी मिला है।
कैलाश पोरवाल को इस कार्य से करीब 1.5 लाख रुपये मासिक आय हो रही है। गुणवत्ता परीक्षण में उनके तेल को ट्रांसफैट और कोलेस्ट्रॉल मुक्त पाया गया है। भविष्य में वे नारियल और बादाम तेल उत्पादन शुरू करने की योजना बना रहे हैं। कैलाश पोरवाल की सफलता आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।