देवास। आज के दौर में जहां जन्मदिन अक्सर केक, पार्टियों और शोर-शराबे तक सीमित हो गया है, वहीं देवास के युवा विजय कटेसिया ने अपने जन्मदिन को सेवा, संवेदना और मानवता का एक अनूठा उदाहरण बना दिया। उन्होंने जश्न मनाने के बजाय इंदौर की नन्ही बेटी अनीका शर्मा की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया और सैयाजी द्वार पर सहयोग कैंप लगाकर पूरे शहर को एक नेक काम से जोड़ दिया।
सुबह से शुरू हुए इस सेवा अभियान में दोस्तों, समाजसेवियों, विभिन्न संस्थाओं और आम नागरिकों ने दिल खोलकर भागीदारी निभाई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई अपनी क्षमता अनुसार सहयोग करता नजर आया। खासतौर पर छोटे-छोटे बच्चों की टोली, हाथों में तख्तियां लेकर मदद की अपील करती हुई, पूरे माहौल को भावुक और प्रेरणादायक बना रही थी। हर चेहरे पर एक ही भावना थी-किसी की जिंदगी बचाने की कोशिश।
जैसे-जैसे दिन ढलता गया, यह छोटी सी पहल एक बड़े जनसहयोग अभियान में बदलती चली गई। शाम तक कुल ₹2,61,000 की राशि एकत्रित हो चुकी थी।
इस अभियान का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह स्वयं न सिर्फ एकत्रित राशि परिवार को सौंपने में सहयोग किया, बल्कि ₹30,000 की अतिरिक्त सहायता देने का आश्वासन भी दिया। उनकी उपस्थिति ने इस पहल को और भी सार्थक बना दिया।
दिनभर सहयोग करने वाले संस्थाओं के बच्चों को कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मिठाई खिलाकर धन्यवाद दिया। यह दृश्य हर किसी के दिल को छू गयाकृजहां जन्मदिन के केक की जगह जरूरतमंद के चेहरे की मुस्कान ही असली खुशी बन गई।
विजय कटेसिया ने भावुक शब्दों में कहाकृ“जन्मदिन हर साल आता है, लेकिन अगर हमारी छोटी-सी कोशिश से किसी के घर में खुशियां लौट आएं, तो वही मेरे जीवन का सबसे बड़ा उत्सव है।”
अनीका के परिवार की आंखों में आंसू थे, लेकिन ये आंसू दुख के नहीं, बल्कि उम्मीद और आभार के थे। उन्होंने देवासवासियों और सभी सहयोगकर्ताओं का दिल से धन्यवाद किया।
देवास की यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि असली खुशी जश्न में नहीं, बल्कि किसी के जीवन में उम्मीद की रोशनी जलाने में होती है। यह दिन शहर के लिए मानवता, संवेदनशीलता और एकजुटता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया।