चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्तमान में इस कार्यक्रम से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 13 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
कक्षा 10वीं के परिणामों में 92.53 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिनमें 39 प्रतिशत ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। 76 राजकीय विद्यालयों में से 37 का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। विशेष रूप से 137 छात्राओं ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर गार्गी पुरस्कार के लिए पात्रता प्राप्त की।
इसी प्रकार कक्षा 12वीं के परिणामों में 99.43 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिनमें से 86.36 प्रतिशत ने प्रथम श्रेणी हासिल की। वर्ष 2016 में कार्यक्रम शुरू होने के बाद से परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जहां उत्तीर्ण प्रतिशत 67 से बढ़कर 92.53 प्रतिशत हो गया है।
शिक्षा संबल कार्यक्रम के तहत हिन्दुस्तान जिंक द्वारा राजकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक, अध्ययन सामग्री तथा विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों में विशेष शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हाल ही में राजस्थान एवं उत्तराखंड में चार आधुनिक एसटीईएम लैब भी स्थापित की गई हैं, जिससे शिक्षा को अधिक इंटरैक्टिव और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
यह कार्यक्रम 2016 में शुरू किया गया था और वर्तमान में उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा एवं अजमेर जिलों में संचालित है। विद्या भवन के सहयोग से लागू यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।