रतलाम। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की सख्ती अब तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने तक पहुंच गई है। ड्रग्स कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के चिकलाना गांव में संचालित एमडी ड्रग फैक्ट्री से जुड़े आरोपियों की करोड़ों की संपत्ति पर अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
चार आरोपियों की 16 करोड़ की संपत्ति फ्रीज-
इसी कड़ी में मुख्य सरगना दिलावर खान समेत चार आरोपियों की कुल 16 करोड़ 16 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को सफेमा (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) न्यायालय के आदेश से फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों को सफेमा न्यायालय भेजा जा रहा है।
खाकी ने किया था एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़-
उल्लेखनीय है कि 16 जनवरी की रात रतलाम पुलिस ने चिकलाना गांव में संचालित अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए मौके से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपियों द्वारा अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया। पुलिस ने कुल 55 करोड़ 70 लाख रुपये की अचल संपत्ति फ्रीज करने का प्रस्ताव सफेमा न्यायालय को भेजा था, जिसमें से न्यायालय ने प्रथम चरण में 16 करोड़ 16 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश जारी किए हैं।
जांच में सामने आया सच, फिर मिले आदेश-
जांच में सामने आया कि आरोपी दिलावर खान, अजहर खान, मुमताज बी और इमरान खान लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त थे और इसी अवैध गतिविधि से उन्होंने भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की। इन संपत्तियों के संबंध में कोई वैध आय स्रोत प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच अधिकारी द्वारा एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 68-ई एवं 68-एफ के तहत सभी तथ्यों को संकलित कर वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए सफेमा न्यायालय से संपत्ति फ्रीजिंग के आदेश प्राप्त किए गए।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान-
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी है। ऐसे सभी तस्करों की पहचान कर उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति फ्रीज कराई जा चुकी है।
अवैध कारोबारियों में हड़कंप-
रतलाम पुलिस की इस सख्त और सुनियोजित कार्रवाई को नशे के खिलाफ एक बड़ी एवं निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है, बल्कि ऐसे तत्वों के बीच भय का माहौल भी उत्पन्न हुआ है। साथ ही यह कार्रवाई भविष्य में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है।