उज्जैन। भारतीय किसान संघ ने सोमवार को रैली निकालकर तहसील में प्रदर्शन किया। किसानों ने संकुल भवन पहुंचकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। किसानों की प्रमुख मांग थी कि नरवाई जलाने वालों पर हो रही जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई बंद की जाए और दर्ज सभी प्रकरण खत्म किए जाएं।
तहसील अध्यक्ष मानसिंह चौधरी ने बताया कि किसानों ने नीलगंगा से रैली निकाली, जो टॉवर चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय स्थित संकुल भवन पहुंची।
गेहूं खरीदी और भावांतर योजना पर उठाए मुद्दे
किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शीघ्र शुरू करने, सभी खरीदी केंद्रों पर बड़े तोल कांटे लगाने और भावांतर योजना का लाभ देने की मांग की गई। ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए बीमा राशि जल्द खाते में डालने और बैंक खाता पलटी की तारीख 15 मई तक बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
किसान संघ ने बताया कि मालवा प्रांत की 115 तहसीलों में एक साथ प्रदर्शन किया गया। प्रशासन द्वारा कार्रवाई जारी रहने पर किसानों ने आगे सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।
उज्जैन-देवास-इंदौर में कार्रवाई जारी
सैटेलाइट रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन जिले में 334 किसान चिन्हित किए गए हैं, जिन पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। देवास में 5 किसानों पर मामला दर्ज किया गया है, जबकि इंदौर में 211 मामलों में कार्रवाई की गई है।