चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित बैठक में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद एवं एलपीजी वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में एलपीजी स्टॉक, वितरण प्रणाली तथा शहर में पीएनजी नेटवर्क विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण ओटीपी एवं विभागीय नियमों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए। वहीं व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण अस्पतालों एवं आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए किया जाए तथा शेष वितरण जिला स्तरीय सतर्कता समिति के निर्देशानुसार हो।
उन्होंने ऑयल कंपनियों के नोडल सेल्स ऑफिसर को श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा इस संबंध में की गई कार्यवाही की रिपोर्ट अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अ.) को प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में आगामी विवाह सीजन को ध्यान में रखते हुए गैस वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नीति बनाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शहर में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए संबंधित कंपनी को आगामी 10 दिनों में लक्षित कनेक्शन जारी करने एवं एक माह में पाइपलाइन विस्तार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसकी दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया।
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की समीक्षा
जिला कलक्टर ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले में कुल 19 खरीद केंद्र संचालित हैं, जिनमें एफसीआई के 13, राजफेड के 2 तथा नेफेड के 4 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर 2735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
उन्होंने मंडी सचिव को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर किसानों के लिए छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही एफसीआई, राजफेड एवं नेफेड के प्रतिनिधियों को खरीदी कार्य सुचारु रूप से संचालित करने एवं किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित उपखंड अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा लस्टर लॉस, कमजोर दाने तथा बड़ीसादड़ी एवं डूंगला क्षेत्र के कुछ ग्रामों के ऑनलाइन डेटा संबंधी समस्याओं को उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा
जिला कलक्टर ने कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की। बैठक में जिले के कुल कृषि क्षेत्रफल, खरीफ एवं रबी फसलों, उद्यानिकी फसलों तथा उनके उत्पादन की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही खरीफ 2026 की बुवाई योजना एवं उर्वरक-बीज की मांग पर चर्चा की गई।
जिला कलक्टर ने उर्वरकों के वितरण पर विशेष निगरानी रखने एवं विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अ.), जिला रसद अधिकारी, कृषि अधिकारी, मंडी सचिव, सहकारिता विभाग के अधिकारी, ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर, पीएनजी कंपनी के प्रबंधक तथा एफसीआई, राजफेड एवं नेफेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।