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April 7, 2026, 3:56 pm
KHABAR : ग्रीनफील्ड हाईवे बना किसानों की बर्बादी का रास्ता, 200 परिवार पलायन की कगार पर, मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहे छोटे किसान, सिंधिया से नहीं हो पाई किसानों की मुलाकात, पढे़ खबर 

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मुरैना। जिले में ग्वालियर से आगरा को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जहां एक ओर विकास की तस्वीर पेश कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर सैकड़ों छोटे किसानों के लिए यह परियोजना विनाश का कारण बनती नजर आ रही है। लगभग 88 किलोमीटर लंबे इस हाईवे निर्माण में क्षेत्र के कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल सका है।


पीड़ित किसानों का आरोप है कि उनकी खेती की जमीन ही नहीं, बल्कि मकान भी इस परियोजना में समा गए और उनके सामने आजीविका का कोई साधन नहीं बचा। कई दिनों से किसान कलेक्ट्रेट और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसानों ने पटवारी और अन्य अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बरौली के एक बुजुर्ग किसान ने बताया कि “खाते में मुआवजा डालने के लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं, जबकि हमारी जमीन पहले ही छिन चुकी है।”वही सोमवार को करीब 5ः00 बजे किसानों का कहना था कि यह हाईवे आम जनता या किसानों के लिए नहीं, बल्कि बड़े नेताओं और उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया जा रहा है। उनका तर्क है कि गांवों के पास केवल दो एंट्री और दो एग्जिट पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को इसका कोई खास लाभ नहीं मिलेगा।किसानों के अनुसार मंत्री अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, भाषण दिए, नारे लगे और बिना किसानों की समस्या सुने वापस लौट गए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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