भोपाल। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा आज वल्लभ भवन में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल मुख्य अतिथि रहे। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि उनका संघ अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने के साथ साथ कल्याणकारी गतिविधियों पर भी समान रूप से जोर देता रहा है। मंत्रालय परिवार के अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए 30 बच्चों का सम्मान किया गया। फ़ाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले 10 मंत्रालयीन कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही 17 वर्ष से मंत्रालय के सामने महीने के प्रथम कार्य दिवस पर वंदे मातरम गायन करने वाली टीम की फरहत, प्रतिभा डोलस एवं सीमा कुंभारे को सम्मानित किया गया। वर्ष 2024 में मंत्रालय में लगी आग को अपने को ख़तरे में डालकर बुझाने वाले 6 कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
डिप्टी सीएम बोले, फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखना सामयिक आवश्यकता
उत्कृष्ट लेखन कर स्वयं की पुस्तकें प्रकाशित करा चुके दो मंत्रालयीन कर्मचारियों ओपी शर्मा एवं कविता शिरोले को भी सम्मानित किया गया। पदक जीतने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ी तथा कोच मनोज गुप्ता, तैराकी और जागृति पटेल, जूडो-कराटे को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने फ़ाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने की सराहना की तथा इसे सामयिक आवश्यकता निरूपित किया। कार्यक्रम का संचालन संघ के पदाधिकारी आशीष सोनी ने किया। कार्यक्रम में राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष अशोक शर्मा तथा कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे, मंत्रालय के रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव, भारतीय स्टेट बैंक वल्लभ भवन शाखा की शाखा प्रबंधक कविता बारंगे भी उपस्थित हुए।
इन नवाचारों के लिए भी मिलता है सम्मान
पिछले वर्षों में कार्यक्रम में कई अनोखे नवाचार भी किए गए थे-
सिंगल पेरेंट्स कर्मचारियों का सम्मान
साइकिल से ऑफिस आने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन
योगाभ्यास करने वाले कर्मचारी
गौ सेवा करने वाले
माता-पिता के साथ रहकर उनकी सेवा करने वाले कर्मचारी
कोरोना के कारण टूटी थी परंपरा, अब फिर शुरुआत
हर साल मंत्रालय परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान किया जाता था, लेकिन कोरोना महामारी के बाद यह परंपरा रुक गई थी। अब इसे फिर से शुरू किया गया है। पहले लोक सेवा आयोग के टॉपर्स को बुलाकर बच्चों को सफलता के टिप्स भी दिलाए जाते थे।