उज्जैन। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महाकाल मंदिर के निकट स्थित बड़ा गणेश मंदिर में युद्ध विराम और शांति की कामना के लिए यज्ञ का अनुष्ठान प्रारंभ किया गया है। इस अनुष्ठान की शुरुआत संकष्टी चतुर्थी से हुई है और यह अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
हर दिन, एक घंटे के लिए गणपति अथर्व शीर्ष का मंत्रोच्चार किया जा रहा है। उज्जैन को विश्व का नाभि केंद्र मानते हुए, यहाँ के पुजारी और विद्वान इस अनुष्ठान के माध्यम से वैश्विक शांति की कामना कर रहे हैं। पहला दिन श्रद्धालुओं की भागीदारी से सफल रहा, जो इस सामूहिक प्रार्थना में शामिल हुए।
गुरु सांदीपनी के वंशज, पंडित अक्षत व्यास, ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य चिंताजनक है। निर्दाेष लोगों की जानें जा रही हैं और ऐसे समय में सामूहिक प्रार्थना और आध्यात्मिक प्रयास शांति की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उनका कहना है कि यह अनुष्ठान तब तक जारी रहेगा जब तक विश्व में शांति स्थापित नहीं होती।
पंडित अक्षत व्यास ने कहा, भगवान गणेश के समक्ष किया गया यह सामूहिक पाठ वैश्विक संकट को दूर करने का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रयास है।