झाबुआ। जिले में किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से 28 फरवरी से प्रारंभ किए गए नि:शुल्क एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्टर नेहा मीना ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिटोल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को अवगत कराया गया कि केन्द्र का टीकाकरण लक्ष्य 1000 बालिकाओं का है, जिसमें से अब तक 480 बालिकाओं को टीका लगाया जा चुका है इस पर कलेक्टर ने टीकाकरण की गति बढ़ाने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक बालिकाओं को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि नवीन शिक्षण सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है अतः 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को स्कूलों एवं छात्रावासों के माध्यम से चिन्हित कर टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जाए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षण संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर प्रभावी मोबिलाइजेशन किया जाए जिससे लक्ष्य की समय पर पूर्ति सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने टीकाकरण के लिए उपस्थित बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया उन्होंने बालिकाओं से उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली और सहज वातावरण में उनसे चर्चा की, कलेक्टर ने बालिकाओं को समझाया कि एचपीवी वैक्सीन उन्हें भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बालिकाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीकाकरण से जुड़े भ्रांतियों को दूर किया तथा उन्हें निडर होकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया, कलेक्टर ने कहा कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित एवं लाभकारी है और सभी पात्र बालिकाओं को इसका लाभ अवश्य लेना चाहिए।
कलेक्टर ने बालिकाओं से यह भी कहा कि वे अपने मित्रों एवं सहपाठियों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस अभियान से जुड़ सकें उन्होंने टीकाकरण के बाद सावधानियों एवं आवश्यक जानकारियों से भी अवगत कराया तथा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जा रही सेवाओं की सराहना की।
साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे घर-घर जाकर बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को जागरूक करें तथा टीकाकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करें साथ ही कलेक्टर ने प्रसूति वार्ड में निरीक्षण कर महिलाओं से चर्चा कर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इसके उपरांत कलेक्टर ने पिटोल स्थित नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान नवीन भवन में अब तक स्वास्थ्य केन्द्र शिफ्ट न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अप्रैल माह के भीतर स्वास्थ्य केन्द्र को पूर्ण रूप से नए भवन में स्थानांतरित किया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, पीआईयू को निर्देशित किया कि भवन में शेष कार्य, जैसे पार्टिशन एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किए जाएं तथा इसी माह भवन का हैंडओवर सुनिश्चित किया जाए, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एप्रोच रोड की स्वीकृति प्राप्त होने तक स्थानीय स्तर पर लेवलिंग एवं रोलिंग का कार्य कराया जाए जिससे स्वास्थ्य केन्द्र की शिफ्टिंग में किसी प्रकार की बाधा न आए।
साथ ही कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रिवाइज्ड एस्टीमेट में गार्ड रूम एवं बायो-मेडिकल वेस्ट रूम के प्रस्ताव भी शामिल किए जाएं स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शिफ्टिंग सुनिश्चित की जाए जिससे नवनिर्मित भवन का समुचित उपयोग हो सके।
निरीक्षण के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र भायल, डॉ. एन. के. पठान सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।