चित्तौड़गढ़। बदलते मौसम और कभी तेज धूप तो कभी बारिश के कारण मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सीएमएचओ डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सभी बीसीएमओ को मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए गतिविधियों का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मलेरिया क्रेश प्रोग्राम के तहत फील्ड विजिट कर मॉनिटरिंग और सुपरविजन करने को कहा गया है।
डॉ. गुप्ता ने बड़ीसादड़ी खंड के केवलपुरा में निरीक्षण कर साफ-सफाई, दवा भंडारण, वार्ड व्यवस्था, ड्यूटी रजिस्टर, प्रयोगशाला जांच एवं ओपीडी-आईपीडी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
वहीं डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने कपासन खंड के जनता क्लिनिक और उप स्वास्थ्य केंद्र मुंगाना का निरीक्षण किया। उन्होंने आशा, एएनएम और सीएचओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए एंटी-लार्वल, सोर्स रिडक्शन और घर-घर सर्वे को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। टीमों द्वारा बुखार, खांसी, जुकाम, उल्टी-दस्त के मरीजों की पहचान कर उपचार एवं स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है।
इसी क्रम में डॉ. प्रियंका वर्मा ने निंबाहेड़ा खंड के सतखंडा और अरनोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हीट वेव से बचाव के उपाय-
स्वास्थ्य विभाग ने लू और गर्मी से बचाव के लिए नागरिकों को हल्के कपड़े पहनने, अधिक पानी और तरल पदार्थ लेने, छायादार स्थान पर रहने, हल्का भोजन करने तथा दही, छाछ, लस्सी, कच्ची कैरी और प्याज का सेवन करने की सलाह दी है। आवश्यकता पड़ने पर बाहर निकलते समय छाता साथ रखने की भी अपील की गई है।