चित्तौड़गढ़। ग्रीष्मावकाश में कटौती न कर पूर्व की भांति अवकाश यथावत रखने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल स्वरूप त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
जिला प्रवक्ता अनिल कुमार बारेसा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र से ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिवस की कटौती तथा प्रधानाध्यापक के अधिकृत अवकाश में की गई कमी के कारण शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पूर्व में प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा की अध्यक्षता में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में दिए गए आश्वासन के बावजूद आदेश जारी करना सरकार की कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
शिक्षकों ने कहा कि संस्था प्रधान के अधिकृत अवकाश में कटौती तथा शिक्षा विभाग द्वारा लगातार किए जा रहे नए प्रयोग जमीनी स्तर पर व्यावहारिक नहीं हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि ग्रीष्मावकाश में कटौती राजस्थान की अत्यधिक गर्मी के अनुकूल नहीं है और यह विद्यार्थियों के हित में भी नहीं है।
ज्ञापन में ग्रीष्मावकाश की कटौती तथा प्रधानाध्यापक के अधिकृत अवकाश में की गई कमी को पूर्ववत रखने की मांग की गई।
इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष कालूराम खटीक, प्रदेश सचिव शिव कोदली, जिला महामंत्री गोपेश कोदली, ब्लॉक अध्यक्ष गणेश उनियारा, नरेश देशबंधु, विकास वैष्णव, सूर्यकांत तोलम्बिया, गोवर्धन आचार्य, सुभाष घारू, श्याम सिंह, नरेन्द्र हंस, शंभू सिंह चौहान, हीरालाल ओड़ सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।