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April 9, 2026, 10:28 am
KHABAR : टीईटी के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, तराना में विधायक को सौंपा ज्ञापन, की यह मांग, पढे़ अर्पित बोड़ाना की खबर 

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तराना। प्रदेश के स्कूलों में बरसों से अपनी सेवा प्रदान करने वाले तथा स्कुल शिक्षा की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को टीईटी परीक्षा के नाम पर सेवा संकट उत्पन्न करने के विरोध स्वरूप मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने कमर कसते हुए शिक्षको को इस त्रासदी से बचाने हेतु प्रदेश व्यापी विरोध दर्ज करवाया है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के राज्य स्तरीय आव्हान पर शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त करने के लिए उज्जैन जिला इकाई के द्वारा पूरे जिले के विधायकों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए। इसी क्रम में तराना इकाई के नेतृत्व में सैकड़ो शिक्षकों के द्वारा तराना विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेश परमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 


म.प्र. शिक्षक संघ के संभागीय सचिव दिग्विजय सिंह चौहान ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का हवाला देते हुए कार्यरत सभी शिक्षकों को 2 वर्षों के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का आदेश दिया है। इस आदेश के कारण वे शिक्षक भी परीक्षा के दायरे में आ रहे हैं जिनकी नियुक्तियां आरटीई अधिनियम लागू होने के कई वर्षों पूर्व हुई है। जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के पूर्व नियुक्त हुए सभी शिक्षक राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई प्रक्रिया के द्वारा नियुक्ति में आए हैं। अतः मध्य प्रदेश शासन को शीघ्र ही माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए अधिनियम के लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने के लिए शिक्षकों का पक्ष रखना चाहिए। 


इस अवसर पर विधायक महेश परमार ने कहा कि हमारे शिक्षक बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। शिक्षकों की इस समस्या को माननीय मुख्यमंत्री, माननीय प्रधानमंत्री एवं विधानसभा में भी रखुंगा ताकि किसी भी शिक्षक का अहित न हो। 


इस अवसर पर संघ के संभागीय सचिव दिग्विजय सिंह चौहान, जिला सचिव महेश पाटीदार,सहित शिक्षक साथी उपस्थित थे।

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