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April 12, 2026, 4:15 pm
BIG NEWS : 12 हजार गीतों की अमर आवाज खामोश, संगीत जगत को बड़ा झटका, मल्टी ऑर्गन फेलियर से हुआ सुरों की मलिका आशा भोसले का निधन, इंदौर से खास जुड़ाव, मध्यप्रदेश में शोक की लहर, कल शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार, पढ़े खबर 

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इंदौर। मध्यप्रदेश से गहरा नाता रखने वाली सुरों की मलिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में आज रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश, खासकर इंदौर और मालवा अंचल में शोक की लहर छा गई है। उन्हें 11 अप्रैल की रात ही गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आशा भोसले के बेटे आनंद ने उनके निधन की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि वह कुछ महीनों से बीमार थीं।

इंदौर से खास जुड़ाव, मध्यप्रदेश से भावनात्मक रिश्ता
आशा भोसले का मध्यप्रदेश से विशेष लगाव रहा। इंदौर, जिसे प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी कहा जाता है, में उनके कई यादगार लाइव कार्यक्रम हुए, जिन्हें संगीत प्रेमी आज भी याद करते हैं। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर से जुड़ी संगीत विरासत ने भी उन्हें इस प्रदेश से और करीब ला दिया।

लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस-
डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं और मल्टी ऑर्गन फेल होने के कारण उनका निधन हुआ। उनके बेटे आनंद भोसले ने बताया कि अंतिम दर्शन के लिए सोमवार सुबह 11 बजे उनके निवास पर व्यवस्था रहेगी, जबकि अंतिम संस्कार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

12 हजार से ज्यादा गीतों की अमर धरोहर-
आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाए। उनके “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा”, “चुरा लिया है तुमने” और “इन आंखों की मस्ती” जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

संघर्ष से सफलता तक का सफर-
साल 1933 में जन्मी आशा भोसले, प्रसिद्ध गायक दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री थीं। मात्र 9 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए गायन शुरू किया। 1943 में उन्होंने अपना पहला फिल्मी गीत रिकॉर्ड किया और फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।

पुरस्कारों से सजी उपलब्धियां- 
अपने करियर में उन्होंने 7 फिल्मफेयर पुरस्कार और 2 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। उनका नाम दो बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। उन्हें वर्ष 2000 में दादा साहब फाल्के अवार्ड और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

निजी जीवन भी रहा चर्चाओं में, संगीत जगत को अपूरणीय क्षति-
आशा भोसले का निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा। उनकी पहली शादी सफल नहीं रही। बाद में उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार आरडी बर्मन से विवाह किया, जो 14 वर्षों तक चला। आशा भोसले के निधन से भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचा है। उनकी आवाज़ और उनके गीत हमेशा अमर रहेंगे। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में उनके चाहने वाले उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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