नीमच। मालवा-मेवाड़ के प्रसिद्ध सूफी संत हजरत शहाबुद्दीन बाबा (रह.) की दरगाह, नीमच सिटी रोड स्थित दरगाह कमेटी द्वारा आयोजित 131वां राष्ट्रीय कौमी एकता चार दिवसीय उर्स बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। शुक्रवार रात को कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन हुआ।
इस अवसर पर दरगाह कमेटी के सदर मुन्ना दुर्रानी ने बताया कि 24 अप्रैल को महफिल-ए-शमा में सूफियाना कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो शाम 7 बजे से प्रारंभ हुआ। इसमें निसार एहसान चिश्ती (चित्तौड़गढ़) एवं कमर वारसी (देवा शरीफ, लखनऊ) की कव्वाली पार्टियों ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम प्रस्तुत किए।
कव्वालों द्वारा प्रस्तुत कलामों में “हम तो ईद की तरह उर्स मनाते हैं, हम तो शाहबुद्दीन बाबा का सदका खाते हैं”, “नूर मोहम्मद सल अल्लाह रब्बी अल्लाह”, “बस अली का साथ हमको दो जहां से प्यार है”, “मेरी कश्ती पर अली मुश्किल का साया है”, “शहाबुद्दीन पिया की शादी है”, “जब तक बिका ना था तुमने खरीद कर अनमोल बना दिया”, “जब मुझको बुलाएंगे मैं काबे को देखूंगा”, “यह चमक यह दमक फूलवन में रहे सब कुछ सरकार में रहे” आदि कलामों ने समा बांध दिया।
उर्स में नीमच, मंदसौर, जावरा, रतलाम, इंदौर, निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में जायरीन ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ओर से बाबा के आस्ताने पर चादर पेश की गई। वहीं, सदर मुन्ना दुर्रानी के हज-ए-बैतुल्ला जाने पर हिदायतुल्ला खान सहित अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा उनका साफा बांधकर एवं फूलमाला पहनाकर स्वागत-सम्मान किया गया।
जायरीनों ने दरगाह पर इत्र, लोबान एवं फूल अर्पित कर अमन-चैन की दुआ मांगी। कार्यक्रम में सूफी अल्लाह रखा, खजांची जाहिद कादरी, हामिद कादरी, आरिफ शेख पान, ठेकेदार इम्तियाज भाई, शाहरूख भाई, आफताब, इकबाल कुरैशी, दरगाह खिदमतगुजार फरीद उर्फ मुन्नू भाई, हिदायतुल्ला खान, अनवर खान, बबलू भाई, शेख सैय्यद पठान, कमेटी के सदर सलीम खान, चिराग मस्जिद के हाफिज शोएब बरकाती, साबिर मास्टर सहित बाहर से आए सूफी संत एवं अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।