नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार की शाम गेहूं, चना एवं मसूर उपार्जन कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों के साथ-साथ कृषि उपज मंडियों में भी किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं एवं प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं तथा किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की समय-सीमा बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। अब अवकाश के दिनों में भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रतिदिन प्रति केंद्र 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल उपज खरीदी की व्यवस्था की गई है। बड़े किसानों से खरीदी की व्यवस्था भी उपार्जन केंद्रों पर सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल संचय संरचनाओं के निर्माण में प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर है।
इस वीसी में भोपाल में मुख्य सचिव अनुराग जैन, सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं नीमच के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव तथा अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।