उज्जैन। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, जिला उज्जैन द्वारा आदि गुरु शंकराचार्य जयंती पखवाड़ा के अंतर्गत शासकीय कन्या महाविद्यालय, दशहरा मैदान में जिला स्तरीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्वानों एवं संतजनों के प्रेरक उद्बोधनों ने उपस्थित जनसमुदाय को भारतीय संस्कृति, अद्वैत वेदांत दर्शन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री मोहन नागर, उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद रहे। मुख्य वक्ता के रूप में परम पूज्य संत स्वामी असंगानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में आदि गुरु शंकराचार्य के जीवन, अद्वैत वेदांत दर्शन एवं समाज में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी का जीवन सत्य, ज्ञान और एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में अजीता परमार, शासी निकाय सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के नैतिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
संभाग समन्वयक शिव प्रसाद मालवीय ने परिषद की गतिविधियों एवं जनजागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत पौराणिक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों से अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले सीएमसीएलडीपी विद्यार्थी, नवांकुर संस्थाएं, प्रस्फुटन समिति के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन रचना शर्मा ने किया, जबकि अंत में जिला समन्वयक जय दीक्षित ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक इंद्रेश पंवार, मोहनसिंह परिहार, अरुण व्यास, नम्रता तिवारी, रेणुका श्रोत्रिय, संदीप मालवीय, लोकेंद्र मालवीय, नीलमीण सरकार, विपिन धाकड़, माया उपाध्याय, लोकेश मालवीय, जयपाल पंवार, छात्राएं, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया।