नीमच। जावद न्यायालय ने सीमेंट फैक्ट्री में सुरक्षा में लापरवाही बरतने से मजदूर की मौत के मामले में दो कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए 6-6 माह के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शुभा रिछारिया दीक्षित, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जावद ने यह फैसला सुनाया। दोषियों में फैक्ट्री के सिविल इंजीनियर शशिकांत पिता रामनाथ तिवारी (41), निवासी विक्रम सीमेंट फैक्ट्री, ग्राम खोर, जिला नीमच तथा कर्मचारी मदनलाल पिता गोपालराम सैनी (33), निवासी गुड़गांव (हरियाणा) शामिल हैं। दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए के तहत दंडित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि घटना 27 फरवरी 2018 को ग्राम खोर स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री में हुई थी। मजदूर हुकमसिंह अन्य श्रमिकों के साथ कलर कार्य करने ऊपर साइट पर गया था। इसी दौरान जर्जर प्लेट टूटने से वह नीचे गिर गया, जिससे गंभीर चोट लगने पर उसकी मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि जिप्सन कनवेयर बेल्ट की डेथ प्लेट काफी पुरानी, जर्जर और खतरनाक स्थिति में थी। इसके बावजूद वहां कार्य की अनुमति दी गई। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। न्यायालय ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सजा सुनाई।
मामले में एक आरोपी नित्यानंद फरार हो गया था, जबकि आरोपी गोपीचंद खटीक की मृत्यु हो चुकी है। शेष दो आरोपियों पर सुनवाई पूरी होने के बाद निर्णय सुनाया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ सुखराम गरवाल द्वारा की गई।