मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जायद सीजन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि अप्रैल और मई में बोई जाने वाली फसलें कम समय, कम पानी और कम लागत में किसानों को बेहतर लाभ दे सकती हैं।
उन्होंने बताया कि जायद सीजन में मूंग, उड़द, मक्का, सूरजमुखी तथा सब्जी वर्ग की फसलों की बुवाई लाभकारी है। मूंग की उन्नत किस्मों की बुवाई 15 मई तक की जा सकती है। वहीं उड़द, मक्का एवं सूरजमुखी की फसलें भी कम सिंचाई में अच्छी पैदावार देती हैं।
सब्जी वर्ग में भिंडी, लौकी, करेला और तोरई की संकर किस्मों की खेती करने तथा पानी बचाने के लिए ड्रिप सिंचाई व मल्चिंग अपनाने की सलाह दी गई है। पशुपालक किसानों के लिए मक्का व ज्वार की चारा फसलें भी उपयोगी बताई गई हैं।
मंत्री कंषाना ने कहा कि शासन द्वारा मूंग-उड़द के प्रमाणित बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पर 55 प्रतिशत तक तथा सोलर पंप पर 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। कृषि यंत्रों पर भी 40 से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जायद फसलें 60 से 70 दिन में तैयार होकर खरीफ सीजन से पहले खेत खाली कर देती हैं तथा दलहनी फसल होने से मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है। किसानों से नरवाई नहीं जलाने और खेत में मिलाकर जायद फसल बोने की अपील की गई है।
किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के लिए विभागीय वेबसाइट एवं किसान कॉल सेंटर टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध है।